The gate of flight

From PhalkeFactory

यहाँ दोफ़हर की धूप में, तपती सड़क पर उड़ते परिंदों की परच्छाइयाँ दिखती हैं. पंख का विस्तार दो पंखों जैसा, गिरता, हवा को पीटता, वापस चढ़ कर ऊँचाइयों को छूता हुआ वापस नीचे उतरता है. धूप में तपता एक आदमी परछाई को जैसे सम्मोहित होकर देख रहा है, कहीं से पानी मिलने की आस छोड़ कर..वो सर उठाता है, तो उसकी आँखें भी पंछी के पंखों सी ऊपर को उड़ती हैं.


the flying saucer or the उड़ान खटोले (flying cot/cage)

"because a flying saucer is also an aero plane"