Difference between revisions of "PHALKE STORIES"
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| + | स्टेज पर बहुत से पात्र मेकप कर रहे हैं. दादा मंचन चिपकाने में लगे हैं. कुछ लोग मूँह पर पॉवडर पोत रहे हैं. औरतों का काम करने वाली साड़ी बँधवा रही है. एक तंडोरे का तार कस रहा है. जहाँ तहाँ अरजक्ता और मस्ती है. त्तीसरी घंटी बजते ही परदा नीचे उठता है. तभी कंपनी का मालिक संगीत राव अचानक तीएटर में प्रवेश करता है. यात्रा की पोशाक पहने एक हाथ में हॅंड बाग और दूसरे में ओवरकोट है. पीछे हमाल सर पर होल्ड ऑल उठा कर. संगीत राव परदा खींचता है, भड़कता है. | ||
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Revision as of 19:39, 23 February 2013
स्टेज पर बहुत से पात्र मेकप कर रहे हैं. दादा मंचन चिपकाने में लगे हैं. कुछ लोग मूँह पर पॉवडर पोत रहे हैं. औरतों का काम करने वाली साड़ी बँधवा रही है. एक तंडोरे का तार कस रहा है. जहाँ तहाँ अरजक्ता और मस्ती है. त्तीसरी घंटी बजते ही परदा नीचे उठता है. तभी कंपनी का मालिक संगीत राव अचानक तीएटर में प्रवेश करता है. यात्रा की पोशाक पहने एक हाथ में हॅंड बाग और दूसरे में ओवरकोट है. पीछे हमाल सर पर होल्ड ऑल उठा कर. संगीत राव परदा खींचता है, भड़कता है.
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