Difference between revisions of "The gate of flight"
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| − | यहाँ दोफ़हर की धूप में, तपती सड़क पर उड़ते परिंदों की परच्छाइयाँ दिखती हैं | + | यहाँ दोफ़हर की धूप में, तपती सड़क पर उड़ते परिंदों की परच्छाइयाँ दिखती हैं. आसमान देखा नहीं जाता पर तपती सड़क स्लेटी रंग का आसमान बन जाती है.. पंख गिरते उठते गिरते, फड़फड़ाते फिर मौन मुद्रा में हवा की तरंगों पर सवार हैं. |
इन परछाईयों पर इस गेट का नाम पड़ा है? धूप में तपता एक आदमी परछाई को जैसे सम्मोहित होकर देख रहा है, कहीं से पानी मिलने की आस छोड़ कर..वो सर उठाता है, तो उसकी पलकें भी ऊपर को उड़ान भरती हैं. | इन परछाईयों पर इस गेट का नाम पड़ा है? धूप में तपता एक आदमी परछाई को जैसे सम्मोहित होकर देख रहा है, कहीं से पानी मिलने की आस छोड़ कर..वो सर उठाता है, तो उसकी पलकें भी ऊपर को उड़ान भरती हैं. | ||
Revision as of 08:29, 29 March 2015
यहाँ दोफ़हर की धूप में, तपती सड़क पर उड़ते परिंदों की परच्छाइयाँ दिखती हैं. आसमान देखा नहीं जाता पर तपती सड़क स्लेटी रंग का आसमान बन जाती है.. पंख गिरते उठते गिरते, फड़फड़ाते फिर मौन मुद्रा में हवा की तरंगों पर सवार हैं. इन परछाईयों पर इस गेट का नाम पड़ा है? धूप में तपता एक आदमी परछाई को जैसे सम्मोहित होकर देख रहा है, कहीं से पानी मिलने की आस छोड़ कर..वो सर उठाता है, तो उसकी पलकें भी ऊपर को उड़ान भरती हैं.
the geography from all the gates has some things in similar- a long road facing a large drain, a crowded long road of small shops behind which, invariably is a large field, where performances are staged. in the field The sky of the chest
the flying saucer or the उड़ान खटोले (flying cot/cage)
"because a flying saucer is also an aero plane"